उत्तराखंड प्रदेश में नाइट कर्फ्यू रात दस बजे से सुबह छह बजे तक लगा

प्रदेश मंत्री मंडल की बैठक ने लिया निर्णय राज्य से बाहर से आने वाले व्यक्ति के लिए बार्डर पर कोविड वैक्सिनेशन का प्रमाण पत्र या 72 घंटे के भीतर की कोविड नेगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी। इसके अलावा अन्य नियम पूर्व की भांति ही रखे गए हैं।


सोल ऑफ इंडिया
देहरादून। जैसी आशंका आम जन में महसूस की जा रही थी वैसा ही हुआ। उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। सावधानी को देखते हुए राज्य में नाइट कर्फ्यू रात दस बजे से सुबह छह बजे तक करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार देर सांय हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। इस संदर्भ में गाइडलाइन भी जारी कर दी गई है। सरकारी प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं।
कैबिनेट की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की गई और स्थिति की समीक्षा करने के बाद फैसला किया गया कि राज्य में नाइट कर्फ्यू अब रात दस बजे से सुबह छह बजे तक लागू रहेगा। अभी तक राज्य में कोविड कर्फ्यू रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक लागू किया गया था।  लेकिन मामले बढ़ने के बाद अब इस अवधि को दो घंटा बढ़ा दिया गया है। इस फैसले के बाद अब राज्य में व्यापारिक प्रतिष्ठान सुबह छह बजे से रात दस बजे तक खुल सकेंगे। इसके साथ ही सर्वजनिक स्थानों पर मास्क का प्रयोग अनिवार्य होगा और इस मामले में सख्ती बरती जाएगी। राज्य से बाहर से आने वाले व्यक्ति के लिए बार्डर पर कोविड वैक्सिनेशन का प्रमाण पत्र या 72 घंटे के भीतर की कोविड नेगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी। इसके अलावा अन्य नियम पूर्व की भांति ही रखे गए हैं।
सुबोध उनियाल ने बताया कि राज्य में कोरोना संक्रमण की स्थिति पर सरकार पूरी तरह नजर रखे हुए है। दो दिन बाद फिर से कैबिनेट की इस मुद्दे पर बैठक होगी और स्थिति के अनुसार फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि राज्य में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़े तो सरकार सख्त कदम उठाने से भी परहेज नहीं करेगी। विदित है कि राज्य में कोरोना संक्रमण के मामले में तेजी से इजाफा हो रहा है। ऐसे में मंत्रिमंडल की बैठक इस मुद्दे पर दो दिन बाद फिर से करने का निर्णय लिया गया है। राज्य में कोविड संक्रमण के दौरान मरीजों के इलाज के लिए बनाए गए पांच पांच सौ बेड के दो अस्पतालों का संचालन मार्च 2022 तक करने का निर्णय लिया गया है। सुबोध उनियाल ने बताया कि एम्स ऋषिकेश और हल्द्वानी में बनाए गए इन अस्पतालों को आगे भी जारी रखने के लिए फिर से एमओयू किया जाएगा और इन अस्पतालों का संचालन मार्च 2022 तक करने का निर्णय लिया गया है। सुबोध उनियाल ने बताया कि इससे पहले सरकार कोविड काल में तैनात किए गए कर्मचारियों को मार्च 2022 तक बढ़ाने और खरीद की छूट भी मार्च 2022 तक जारी रखने की मंजूरी दे चुकी है।