आखिर मासूमों को अपना निवाला बनाने वाले आदमखोर का शिकारी हुकिल ने किया अंत

प्रदेश के सुदूर पहाड़ी इलाकों में नरभक्षी गुलदार आतंक पर्याय बन चुके हैं। मासूमों को निरंतर अपना शिकार बना रहे हैं। फिलहाल थोड़ी राहत की सांस महसूस की गयी जब उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के बेरीनाग में देर रात आतंक का पर्याय बना आदमखोर गुलदार शिकारी हुकिल की गोली से ढेर हो गया। इस आदमखोर गुलदार द्वारा क्षेत्र में कहर बरपाते हुए पिछले माह एक छह साल की मासूम को अपना निवाला बनाया गया था। इस नरभक्षी राक्षस को राज्य के मशहूर शिकारी जाय हुकिल की गोली का निशाना बनना पड़ा और वह पहली ही गोली में मारा गया।

आखिर मासूमों को अपना निवाला बनाने वाले आदमखोर का शिकारी हुकिल ने किया अंत


पिथौरागढ़। प्रदेश के सुदूर पहाड़ी इलाकों में नरभक्षी गुलदार आतंक पर्याय बन चुके हैं। मासूमों को निरंतर अपना शिकार बना रहे हैं। फिलहाल थोड़ी राहत की सांस महसूस की गयी जब उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के बेरीनाग में देर रात आतंक का पर्याय बना आदमखोर गुलदार शिकारी हुकिल की गोली से ढेर हो गया। इस आदमखोर गुलदार द्वारा क्षेत्र में कहर बरपाते हुए पिछले माह एक छह साल की मासूम को अपना निवाला बनाया गया था। इस नरभक्षी राक्षस को राज्य के मशहूर शिकारी जाय हुकिल की गोली का निशाना बनना पड़ा और वह पहली ही गोली में मारा गया।
गौरतलब है कि विगत 7 अक्टूबर की शाम 6.15 बजे बेरीनाग के भट्टी गांव निवासी भगतराम की 6 वर्षीय बेटी हिमानी को घात लगाकर बैठा गुलदार घर के आंगन से उठाकर ले गया था, जिसका शव घर से करीब 100 मीटर दूर बच्ची का शव बरामद हुआ। उक्त घटना से बच्चे के परिजनों समेत पूरे गांव में दहशत व आक्रोश बना हुआ था। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए वन विभाग द्वारा क्षेत्र में पिंजरा लगाने के साथ ही गुलदार को आदमखोर घोषित कर शिकारियों की टीम को बुला लिया गया था। जिसके बाद राज्य के मशहूर शिकारी जॉय हुकिल घटनास्थल के आसपास डेरा डाले हुए थे। बताया जा रहा है कि देर रात उन्हे सफलता मिली और आदमखोर उनकी गोली से ढेंर हो गया। शिकारी जॉय हुकिल नेे बताया कि वह विगत 4 नवंबर से घटनास्थल के आसपास डेरा डाले हुए थे, उन्होंने बताया रविवार को घटनास्थल के आसपास सर्चलाइट के माध्यम से गश्त की जा रही थी कि रात्रि 9.20 पर उक्त गुलदार दिखाई दिया और वह पहली गोली में ढेर हो गया। उन्होंने बताया मारा गया गुलदार मादा है जिसकी उम्र लगभग 7 वर्ष है। बहरहाल आदमखोर गुलदार के खात्मे के बाद क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली हैै।